HORROR STORIES
सत्य घटना पर अधारित .......
आत्माॅंए दो तरह की होती हैं एक अच्छी पवित्र और अपवित्र बुरी...........
एक बार की बात हेै कि श्री गुजरमल नाम का एक व्यक्ति एक ब्रिटिश कंपनी में कार्य करता था । आफिस के सब लोग लंच समय में एक साथ लंच किया करते थे। उन दिनों बस एक ही बात हुआ करती थी कि आस पास के इलाकों में आए दिन किसी न किसी की मौत एक सन्यासी जो एक किसी की आत्मा है वह रात में 12 बजे आता है और बुरे लोगों को पीट.पीट कर मार देता है और सुबह गायब हो जाता है । एक दिन यह बात श्री गुजरमल जी को भी पता चली वो इन सब बातों पर विश्वास नहीं करते थे वो बोले यह सब बकवास है । उस दिन रात होते ही ठीक 12 बजे वह सन्यासी की आत्मा उस के पास आ गयी। रात को श्री गुजरमल जीे पैरों के पास वह सन्यासी बैठे थे
। कुछ बोल नहीं रहे थे बस एकदम मारना शुरू कर दिया श्री गुजरमल जीने उसके साथ खुब लडाई की। लडाई करते करते सुबह होने वाली थी और श्री गुजरमल जी भी थक गये थे अधमरे जैसी हालत हो गई थी । श्री गुजरमल जी ने उस सन्यासी से हाथ जोडकर माफी मॅंागी और पूछा मेरी गलती तो बताओ बस मैंने तो कुछ किया भी नहीं । तब सन्यासी बोला कि ईश्वरीय शक्तियों पर विश्वास करना सिखो तुम एक अच्छे इंसान हो इसलिए बच गये। मैं केवल बुरे लोगों को ही सजा देता हॅूुं। तुमने अनेक लोगों का भला किया है इसलिए तुम्हें जिदां छोड रहा हॅू क्योंकि तुंम्हारे कारण अनेक और लेागों का भी भला होगा । वह सन्यासी सुबह चार बजते ही वह जाने लगा तो उस मकान की छत टूट गयी । चारों तरफ शोर हो गया श्री गुजरमल जी स्तब्ध होकर मूकशून्य हो देखते रहे और सोचते रहे कि रात में मैं चिल्लाता रहा पर मदद के लिए कोई नहीं आया । क्या यह दैविय चमतकार था ?
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