हाथ वह जो दुआओं के लिए उठे ,
हाथों जो मदद के लिए बढ़ें,
हाथ जो अभिवादन के लिए जुड़ें
हाथों जो देने के लिए उठे,
ईश्वर की यह देन जो सब के काम आए।
हाथ वह जो दुआओं के लिए उठे ,
हाथों जो मदद के लिए बढ़ें।
हाथ जो मंदिर में उस प्रभु के,
सामने जुड़ा करते हैं हमेशा,
भूख की तृप्ति भी करते हैं ये,
दान देने के लिए सदा उठते हैं ये,
हाथ वह जो दुआओं के लिए उठे ,
हाथों जो मदद के लिए बढ़ें।
शरीर को संबल भी प्रदान करते हैं ये,
मेहंदी को ही स्वरुप प्रदान करतें हैं ये,
मेहंदी की सुन्दरता का आइना हैं ये,
मानव की क्रियाओं की जरुरत है ये,
हाथ वह जो दुआओं के लिए उठे ,
हाथों जो मदद के लिए बढ़ें।
Meri Nazar Se....
Meri Nazar Se. --ASHA SHARMA
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